दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर भोपाल-इंदौर ट्रांसपोर्ट सिस्टम, MoU पर साइन

भोपाल | राजधानी भोपाल मेट्रो में अब जल्द ही ऑटोमेटिक गैर कलेक्शन सिस्टम लागू किया जाएगा. भोपाल मेट्रो को शुरू हुए एक हफ्ते का समय बीत चुका है लेकिन अभी तक मेट्रो में टिकटिंग सिस्टम ऑटोमेटिक नहीं की गई थी, जिसके कारण कई खामियां निकलकर सामने आई थी |

ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम होगा लागू

 टिकट सिस्टम में खामियों की खबर प्रसारित किए जाने के बाद दिल्ली मेट्रो कॉरपोरेशन और मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन के बीच एक एमओयू साइन हुआ है. इस एमओयू में दिल्ली की तर्ज पर भोपाल और इंदौर मेट्रो में ऑटोमेटिक गैर कलेक्शन सिस्टम लागू करने को लेकर समझौता हुआ है |

क्या है ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन ?

ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन का मतलब है कि आप मेट्रो में सफर करने वाले यात्री कर QR कोड और स्मार्ट कार्ड के जरिए टिकट ले सकेंगे. अभी तक भोपाल और इंदौर में मेट्रो में सफर करने के लिए मैन्युअल टिकट ही मिलता है. मैन्युअल टिकट के लिए यात्रियों को टिकट काउंटर पर लंबी भीड़ लगानी पड़ती है, जिसके कारण मेट्रो स्टेशन पर अव्यवस्था और विवाद की स्थिति बन जाती है |

यात्री एक बार टिकट लेकर कई बार सफर कर रहे थे

इतना ही नहीं, भोपाल मेट्रो में मैन्युअल टिकटिंग में बहुत खामियां हैं. इसमें से एक प्रमुख खामी यह है कि स्टेशनों पर सही टिकट चेकिंग सिस्टम नहीं होने की वजह से एक यात्री एक बार टिकट लेकर कई बार सफर कर रहे थे, जिसके कारण सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था. अब मेट्रो प्रशासन हरकत में आया और ऑटोमेटिक गैर कलेक्शन सिस्टम लागू करने की पहल तेज की गई |

एमपी के दो शहरों में मेट्रो का संचालन

बता दें कि मध्य प्रदेश के दो शहरों में फिलहाल मेट्रो का संचालन किया जा रहा है. इसमें भोपाल और इंदौर शहर शामिल हैं. दोनों शहरों में अभी तक मैन्युअल टिकट ही लोगों को मिलता आ रहा है. 20 दिसंबर को भोपाल मेट्रो का उद्घाटन हुआ था. मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर सिंह खट्टर ने भोपाल मेट्रो का शुभारंभ किया था. वहीं लोगों के लिए मेट्रो 21 दिसंबर से दौड़ रही है. भोपाल मेट्रो शुरू होते ही विवादों में गिर गई थी जिसके बाद अब भोपाल मेट्रो में ऑटोमेटिक गैर कलेक्शन सिस्टम लागू करने की पहल तेज कर दी गई है |

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